Allahabad High Court
NAND GOPAL TIWARIversusSANDEEP PARCHA, ADDITIONAL CHIEF JUDICIAL MAGISTRATE, COURT NO. 5
- Decided
- Bench
- VIKAS BUDHWAR
Holding
The contempt application was dismissed as there was no wilful disobedience of the High Court’s order.
Summary
The applicant, Nand Gopal Tiwari, filed a contempt petition alleging that the Additional Chief Judicial Magistrate, Sandeep Parcha, failed to comply with a High Court order dated 24 July 2025 which directed the lower court to procure the presence of accused persons (Nos. 2‑8) within three months and to expedite the trial of Criminal Case No. 610 of 2019. The High Court had earlier ordered that all stakeholders, including police and executive authorities, assist in the speedy disposal of the case. The respondent submitted comments indicating that service of the contempt notice could not be effected and that the lower court was actively attempting to comply, though delays persisted due to absent witnesses and accused. The High Court examined whether there was willful disobedience of its earlier order and concluded that the proceedings before the lower court showed no intentional non‑compliance. Consequently, the Court consigned the contempt application to the record, directing the lower court to continue its efforts as mandated, effectively dismissing the contempt claim. The decision underscores that mere procedural delays do not amount to contempt absent clear wilful defiance.
Issues considered
- Whether the Additional Chief Judicial Magistrate wilfully disobeyed the High Court order dated 24‑07‑2025 under Section 529 CrPC.
- Whether the delay in securing the presence of accused and witnesses constitutes contempt of court.
Legislation cited
- Code of Criminal Procedure, 1973 — s. 529
Subjects
- contempt of court
- Section 529 CrPC
- non‑compliance
- expeditious trial
- criminal procedure
- delay tactics
Judgment
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD
CONTEMPT APPLICATION (CIVIL) No. - 4508 of 2026
Nand Gopal Tiwari
.....Applicant(s)
Versus
Sandeep Parcha, Additional Chief Judicial
Magistrate, Court No. 5 .....Opposite
Party(s)
Counsel for Applicant(s) : Sunil Kumar
Counsel for Opposite Party(s) :
Court No. - 53
HON'BLE VIKAS BUDHWAR, J.
1. This Court on 10.08.2026 proceeded to pass the following orders.-
"1. The present contempt petition has been preferred alleging non-
compliance of the order dated 24.07.2025 passed in Application U/S 529
BNSS No. 2223 of 2025, the order whereof is quoted hereinunder:
"1. This application under Section 529 BNSS has been filed with a prayer
to direct the court concerned to decide the Criminal Case No. 610 of
2019, arising out of case crime no. 385 of 2018, under Sections 406, 409
IPC, P.S. Handia, District Prayagraj pending in the Court of A.C.J.M.-
Vth, Allahabad, expeditiously within stipulated period.
2. Heard learned counsel for the applicant as well as learned A.G.A. for
the State.
3. It is submitted by the learned counsel for the applicant that the
applicant is the informant of the said case and present case is pending at
the stage of appearance of the accused persons / opposite party nos. 2 to
8. It is also submitted that the opposite party nos.2 to 8 are not
cooperating with the Court concerned and are adopting delaying tactics
in disposal of the said case. The Court concerned is also not taking
proper interest in disposal of the said case.
4. I have considered the submissions and perused the record.
5. It reveals from the perusal of the order sheets that the aforesaid case is
pending since 2019 at the stage of appearance of opposite party nos.2 to
8. They are not cooperating with the progress of the case. In the
circumstances, the Court concerned is directed to take all possible
measures to procure the presence of the accused/ opposite party nos.2 to
8 by sending appropriate process to them within three months from the
date of production of certified copy of this order before it and thereafter
all endeavours shall be made by it for expeditious disposal of the case, if
there is no legal impediment and also keeping in view the work load of
the said Court.
CAPL No. 4508 of 2026
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6. It is also made clear that the Court / Presiding Officer is not the only
stake holder in the trial and disposal of a case, hence, besides the P.O.
concerned, all the stake holders i.e. police and executive authorities,
counsels, parties to the case, staff etc. are also made bound by this order
and it will be their responsibility also to assist the Court in every manner
for the expeditious disposal of this case.
7. With the above observations, the application stands disposed of. "
2. This Court on 21.07.2026 proceeded to pass the following orders:
" 1. Learned counsel for the applicant is directed to serve a copy of
contempt application upon Registrar (Compliance), within 48 hours.
2. Registrar (Compliance) shall seek instructions in the matter from
officer concerned, by the next date fixed.
3. Put up this case on 10.08.2026 as fresh. 4. In the meantime, office is
directed to inform the Registrar (Litigation) about this matter."
3. Today comments have been produced of the Presiding Officer dated
01.08.2026 which depicts that the service could not be affected by the
opposite party.
4. The instructions so produced today by Ms. Pooja Talwar also does not
indicate the next date in this regard.
5. Put up this case on 08.09.2026 as fresh.
6. The party shall apprise the Court about the next date fixed and also the
steps in this regard regarding service and the progress of the
proceedings.
7. Instructions have been filed today is taken on record and marked as
Appendix-A."
2. Instructions/comments are available on record dated 10.08.2026, which is
quoted hereinunder.-
"प्रेषक,
संदीप पारचा,
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,
कक्ष सं05, प्रयागराज ।
सेवा में,
माननीय निबंधक (जे) (लिटिगेशन),
माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद।
द्वारा-
माननीय जनपद न्यायाधीश,
जनपद न्यायालय, प्रयागराज ।
विषयः- अवमानना प्रार्थनापत्र (सिविल) संख्या-4508/2026 नन्द गोपाल तिवारी बनाम संदीप पारचा के संबंध में आख्या :-
महोदय,
ससम्मान अवगत कराना है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अवमानना प्रार्थनापत्र (सिविल) संख्या-4508/2026 नन्द गोपाल तिवारी
बनाम संदीप पारचा में पारित आदेश दिनांकित 21.07.2026 के अनुक्रम में इस न्यायालय में लम्बित मु०नं० 610/2019, मु०अ०सं०
385/2018 अन्तर्गत धारा-406,409 भा०दं०सं० थाना हंडिया, जनपद प्रयागराज की पत्रावली का अवलोकन किया। उपरोक्त पत्रावली
पर याचिकाकर्ता द्वारा दिनांक 28.07.2025 को माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद प्रार्थनापत्र 529 बी०एन०एस०एस० संख्या
CAPL No. 4508 of 2026
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2223/2025 का आदेश दिनांकित 24.07.2025 दाखिल किया गया है। जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विपक्षी संख्या 2 से 8 को
तीन माह के भीतर उचित प्रकिया भेजकर उनकी उपस्थित सुनिश्चित करने हेतु तथा मामले को शीघ्र निस्तारित किये जाने हेतु आदेशित
किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का ससम्मान अवलोकन अधोहस्ताक्षरी द्वारा किया गया है एवं माननीय उच्च
न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में आदेश पारित करते हुये उसे पत्रावली पर दाखिल किया गया है। इसके अतिरिक्त माननीय
महोदय को सादर अवगत कराया जाना है कि प्रकरण में अभियुक्तगण के विरूद्ध दिनांक 09.10.2025 को आरोप न्यायालय द्वारा
विरचित किया गया तथा पत्रावली अभियोजन साक्ष्य हेतु नियत की गयी। आवेदक नन्दगोपाल तिवारी उक्त मुकदमें में अभियोजन साक्ष्य
में (पी०डब्लू०3) है. जो अन्य गवाह की श्रेणी में आते हैं, न ही वह वबादी मुकदमा / शिकायतकर्ता है एवं न ही वह अभियुक्त की श्रेणी में
आते हैं। वर्तमान में प्रकरण उपरोक्त में न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्षी पी०डब्लू ० 1 को सम्मन जारी किया गया है। साक्षी पी०डब्लू
01 जारी किये गये सम्मन पर न्यायालय के समक्ष साक्ष्य हेतु उपस्थित नहीं आये हैं। संबंधित थाने से उक्त तामिला के संबंध में कोई
आख्या दाखिल नहीं की गयी है। जिस पर न्यायालय द्वारा संबंधित क्षेत्राधिकारी को तामीला कराये जाने हेतु उक्त के संबंध में पत्र भी
निर्गत किया गया है परन्तु क्षेत्राधिकारी द्वारा कोई तामिला रिपोर्ट पत्रावली पर दाखिल नहीं की गयी है। तदोपरान्त N-Step के जरिये भी
साक्षी पर तामिला किये जाने हेतु आदेशित किया गया है। परन्तु उपरोक्त सम्मनन का तामीला नियत तिथि तक निष्पादित होकर
न्यायालय को प्राप्त नहीं हुआ। इसके अतिरिक्त उपरोक्त पत्रावली पर माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा दिये गये निर्देशानुसार शीघ
तिथियां निर्धारित की जा रही हैं, जिसके फलस्वरूप उक्त पत्रावली का निस्तारण नियमानुसार त्वरित रूप से किया जा सके।
अतः माननीय महोदय से अनुरोध है कि अधोहस्ताक्षरी के स्पष्टीकरण / आख्या को माननीय उच्च न्यायालय के कृपापूर्ण एवं
सहानुभूतिपूर्ण अवलोकन हेतु प्रस्तुत करने की कृपा करें।
ससम्मान।
भवदीय
दिनांकः 01.08.2026 ह०अ०
(सदीप पारचा)
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,
कक्ष सं05, प्रयागराज।
यू०पी० 2361"
3. Today, another instruction has been produced, which is also quoted
hereunder.-
"प्रेषक,
संदीप पारचा,
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,
कक्ष सं05, प्रयागराज।
सेवा में,
माननीय निबन्धक (जे) (लिटिगेशन),
माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद।
द्वारा-
माननीय जनपद न्यायाधीश,
जनपद न्यायालय, प्रयागराज ।
विषयः- अवमानना प्रार्थनापत्र (सिविल) संख्या-4508/2026 नन्द गोपाल तिवारी बनाम् संदीप पारचा के संबंध में आख्या :-
महोदय,
ससम्मान अवगत कराना है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अवमानना प्रार्थनापत्र (सिविल) संख्या-4508/2026 नन्द गोपाल तिवारी
बनाम् संदीप पारचा में पारित आदेश दिनांकित 21.07.2026 के अनुक्रम में इस न्यायालय में लम्बित मु०नं० 610/2019, मु0अ0सं0
385/2018 अन्तर्गत धारा-406, 409 भा०दं०सं० थाना हंडिया, जनपद प्रयागराज की पत्रावली का अवलोकन किया। उपरोक्त पत्रावली
पर याचिकाकर्ता द्वारा दिनांक 28.07.2025 को माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद प्रार्थनापत्र 529 बी०एन०एस०एस० संख्या
2223/2025 का आदेश दिनांकित 24.07.2025 जिसे याचिकाकर्ता द्वारा दिनांक 03.09.2025 को अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में
CAPL No. 4508 of 2026
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दाखिल किया गया है। जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विपक्षी संख्या 2 से 8 को तीन माह के भीतर उचित प्रक्रिया भेजकर उनकी
उपस्थित सुनिश्चित करने हेतु तथा मामले को शीघ्र निस्तारित किये जाने हेतु आदेशित किया गया है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश
का ससम्मान अवलोकन अधोहस्ताक्षरी द्वारा किया गया है एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में आदेश पारित
करते हुये उसे पत्रावली पर दाखिल किया गया है।
माननीय न्यायालय द्वारा इस न्यायालय में लम्बित पत्रावली में न्यायालय से कृत कार्यवाही का विवरण आहूत किया गया है। जिसमें
अधोहस्ताक्षरी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिये गये दिशा-निर्देश दिनांकित 24.07.2025 जिसे याचिकाकर्ता द्वारा दिनांक
03.09.2025 को अधोहस्ताक्षरी के न्यायालय में दाखिल किया गया है, के उपरान्त कृत कार्यवाही का विवरण क्रमवार निम्नवत है-
दिनांक कृत कार्यवाही का संक्षिप्त विवरण
03.09.2025 अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार, अयुकनारायण, शिवपूजन तिवारी, शिवराम सिंह उपस्थित। शेष अभियुक्त
अनुपस्थित। उपरोक्त समस्त अभियुक्तगण को न्यायालय द्वारा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने हेतु आदेशित
किया गया। पत्रावली वास्ते आरोप विरचन हेतु नियत की गयी।
अभियुक्त शिव पूजन तिवारी, दिनेशचन्द्र पाठक, धर्मेन्द्र कुमार यादव, शिवराम बिन्द, अयुक्तनरायण द्विवेदी
12.09.2025
उपस्थित। शेष अभियुक्तगण अनुपस्थित। न्यायालय द्वारा अवसर प्रदान किया गया तथा न्यायालय के पूर्व
आदेश का पालन करने हेतु निर्देशित किया गया।
अभियुक्त शिव पूजन तिवारी, गिरीशचन्द्र पाठक, धर्मेन्द्र कुमार यादव, शिवराम बिन्द, अयुक्तनरायण द्विवेदी,
26.09.2025
दिनेशचन्द्र उपस्थित। शेष अभियुक्त धर्मेन्द्र दूबे की हाजिरी माफी प्रस्तुत की गयी, जिसे न्यायालय द्वारा केवल
नियत तिथि के लिए स्वीकृत किया गया। पत्रावली वास्ते आरोप विरचन हेतु नियत की गयी।
अभियुक्तगण शिवपूजन तिवारी, अयूब नरायण द्विवेदी, शिवराम सिंह, दिनेशचन्द्र पाठक, गिरीशचन्द्र मिश्रा,
09.10.2025
धर्मेन्द्र कुमार यादव व धर्मेन्द्र कुमार दुबे के विरूद्ध आरोप विरचित किया गया तथा अभियोजन साक्षियों को
समन जारी किया गया।
अधोहस्ताक्षरी अवकाश पर रहा है।
27.10.2025
अभियुक्त धर्मेन्द्र उपस्थित। शेष अन्य अभियुक्त की हाजिरी माफी प्रस्तुत। अभियोजन साक्षी न्यायालय साक्ष्य
07.11.2025
हेतु अनुपस्थित रहे।
अभियुक्तगण दिनेश, आयूब नरायण व शिवराम उपस्थित, शेष अन्य की हाजिरी माफी प्रस्तुत। अभियोजन
20.11.2025
साक्षी न्यायालय साक्ष्य हेतु अनुपस्थित रहे।
अभियुक्त धर्मेन्द्र उपस्थित, शेष अभियुक्त की हाजिरी माफी प्रस्तुत। अभियोजन साक्षी न्यायालय में साक्ष्य
06.12.2025
हेतु अनुपस्थित रहे।
अभियुक्त दिनेश, अयूब नरायण, धर्मेन्द्र, शिव पूजन, शिवराम उपस्थित, शेष अभियुक्त की हाजिरी माफी
20.12.2025
प्रस्तुत। अभियोजन साक्षी न्यायालय में साक्ष्य हेतु अनुपस्थित रहे।
अभियुक्त धर्मेन्द्र उपस्थित, शेष की हाजिरी माफी प्रस्तुत। अभियोजन साक्षी न्यायालय में साक्ष्य हेतु
03.01.2026
अनुपस्थित रहे।
अभियुक्त धर्मेन्द्र यादव, अयूब नरायण द्विवेदी, शिवराम उपस्थित, शेष अभियुक्तगण की हाजिरी माफी प्रस्तुत,
17.01.2026
साक्षी अनुपस्थित। साक्षी पी०डब्लू01 के विरूद्ध सम्मन जारी।
CAPL No. 4508 of 2026
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अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार यादव, अयुक नरायण द्विवेदी, शिवराम उपस्थित, शेष अभियुक्तगण की हाजिरी माफी
21.02.2026
प्रस्तुत। साक्षी पी०डब्लू ०1 अनुपस्थित। अनुपस्थित साक्षी के विरूद्ध सम्मन जारी करते हुए उक्त आदेश के
अनुपालन हेतु ए०सी०पी० को पत्र प्रेषित किया गया तथा पत्रावली अभियोजन साक्ष्य हेतु नियत की गयी।
अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार, शिवपूजन उपस्थित । शेष अभियुक्तगण अनुपस्थित । अनुपस्थित अभियुक्तगण की
26.02.2026
हाजिरी माफी स्वीकृत की गयी। साक्षी अनुपस्थित। साक्षी को प्रेषित सम्मन तामिला एवं अनुपालन आख्या
संबंधित थाना एवं ए०सी०पी० से प्राप्त नहीं हुयी।
अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार यादव उपस्थित। शेष अभियुक्तगण अनुपस्थित। अनुपस्थित अभियुक्तगण की हाजिरी
10.03.2026
माफी स्वीकृत की गयी। साक्षी अनुपस्थित। साक्षी को प्रेषित सम्मन तामिला एवं अनुपालन आख्या संबंधित
थाना एवं ए०सी०पी० से प्राप्त नहीं हुयी।
अभियुक्त शिवराम सिंह, अयूब नरायण द्विवेदी उपस्थित, शेष अभियुक्तगण की हाजिरी माफी प्रस्तुत। साक्षी
15.03.2026
अनुपस्थित । अनुपस्थित साक्षी के विरूद्ध पुनः सम्मन जरिये एन० स्टेप जारी करते हुये कार्यालय को निर्देशित
किया गया।
अभियुक्त दिनेशचन्द्र पाठक, धर्मेन्द्र कुमार, उपस्थित। शेष अभियुक्तगण अनुपस्थित। साक्षी अनुपस्थित।
09.04.2026
साक्षी के विरूद्ध जारी समन के तामीला बावत अनुपालन आख्या प्रस्तुत नहीं की गयी।
अभियुक्तगण अनुपस्थित । साक्षी अनुपस्थित। साक्षी के विरूद्ध जारी समन के तामीला बावत अनुपालन
27.04.2026
आख्या को प्राप्त नहीं हुयी।
अभियुक्त दिनेशचन्द्र पाठक, शिवराम सिंह, आयुक्त द्विवेदी उपस्थित। शेष अभियुक्तगण अनुपस्थित। साक्षी
06.05.2026
अनुपस्थित। साक्षी के विरूद्ध जारी समन के तामीला बावत अनुपालन आख्या प्रस्तुत नहीं की गयी।
न्यायालय द्वारा पूर्वादेश का अनुपालन हेतु निर्देशित किया गया। साक्षी अनुपस्थित। साक्षी के विरूद्ध जारी
23.05.2026
समन के तामीला बावत अनुपालन आख्या प्रस्तुत नहीं की गयी।
न्यायालय द्वारा पूर्वादेश का अनुपालन हेतु निर्देशित किया गया। साक्षी अनुपस्थित। साक्षी के विरूद्ध जारी
07.08.2026
समन के तामीला बावत अनुपालन आख्या प्रस्तुत नहीं की गयी।
अभियुक्तगण अनुपस्थित हैं। अभियुक्तगण की हाजिरी माफी प्रस्तुत की गयी, जिसे न्यायालय द्वारा स्वीकृत
20.08.2026
किया गया। साक्षी अनुपस्थित है। साक्षी के विरूद्ध जारी समन के तामीला बावत अनुपालन आख्या प्रस्तुत
नहीं की गयी है। न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्षी को उपस्थित कराये जाने हेतु पुलिस आयुक्त प्रयागराज को
पत्र प्रेषित किया गया है। पत्रावली में अग्रिम नियत दिनांक 05.09.2026 है।
इसके अतिरिक्त माननीय महोदय को सादर अवगत कराया जाना है कि प्रकरण में अभियुक्तगण के विरूद्ध दिनांक 09.10.2025 को
आरोप न्यायालय द्वारा विरचित किया गया तथा पत्रावली अभियोजन साक्ष्य हेतु नियत की गयी। आवेदक नन्दगोपाल तिवारी उक्त
मुकदमें में अभियोजन साक्ष्य में (पी०डब्लू03) है, जो अन्य गवाह की श्रेणी में आते हैं, न ही वह वादी मुकदमा / शिकायतकर्ता है एवं न
ही वह अभियुक्त की श्रेणी में आते हैं। वर्तमान में प्रकरण उपरोक्त में न्यायालय द्वारा अभियोजन साक्षी पी०डब्लू01 को सम्मन जारी
किया गया है। साक्षी पी०डब्लू01 जारी किये गये सम्मन पर न्यायालय के समक्ष साक्ष्य हेतु उपस्थित नहीं आये हैं। संबंधित थाने से उक्त
तामिला के संबंध में कोई आख्या दाखिल नहीं की गयी है। जिस पर न्यायालय द्वारा संबंधित क्षेत्राधिकारी को तामीला कराये जाने हेतु
उक्त के संबंध में पत्र भी निर्गत किया गया है परन्तु क्षेत्राधिकारी द्वारा कोई तामिला रिपोर्ट पत्रावली पर दाखिल नहीं की गयी है।
तदोपरान्त N-Step के जरिये भी साक्षी पर तामिला किये जाने हेतु आदेशित किया गया है। परन्तु उपरोक्त सम्मनन का तामीला नियत
तिथि तक निष्पादित होकर न्यायालय को प्राप्त नहीं हुआ। विगत तिथि पर पुलिस आयुक्त, प्रयागराज को अभियोजन साक्षी को उपस्थित
कराये जाने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है। जिसकी अग्रिम नियत तिथि दिनांक 05.09.2026 है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त पत्रावली पर
CAPL No. 4508 of 2026
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माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा दिये गये निर्देशानुसार शीघ्र तिथियां निर्धारित की जा रही हैं, जिसके फलस्वरूप उक्त पत्रावली का
निस्तारण नियमानुसार त्वरित रूप से किया जा सके। पत्रावली के निस्तारण में जो भी विलम्ब है, वह अभियोजन साक्षी की अनुपस्थिति
के कारण विलम्ब हो रहा है। अधोहस्ताक्षरी पत्रावली के अतिशीघ्र निस्तारण हेतु प्रतिबद्ध है। जिसके लिए अधोहस्ताक्षरी निरन्तर
प्रयासरत है।
अतः माननीय महोदय से अनुरोध है कि अधोहस्ताक्षरी के स्पष्टीकरण / आख्या को माननीय उच्च न्यायालय के कृपापूर्ण एवं
सहानुभूतिपूर्ण अवलोकन हेतु प्रस्तुत करने की कृपा करें।
ससम्मान ।
भवदीय
दिनांकः 02.09.2026 ह०अ०
(संदीप पारचा)
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,
कक्ष सं05, प्रयागराज ।
यू०पी० 2361"
4. Though the counsel for the accused, who is a non-party in the present
proceedings, has referred to and relied upon the order dated 10.08.2022 in
Criminal Misc. Bail Application No. 34584 of 2022 and order dated
28.04.2025 in PIL No. 525 of 2025, but in the contempt jurisdiction, the
Court is not required to delve into the same. Even otherwise, a bare perusal
of the instructions / comments shows that there is no willful disobedience on
the part of the opposite party as the proceedings are going on in that regard.
5. Accordingly, the contempt application is consigned to record with an
observation that the court below shall conclude the same strictly as per the
mandate.
(Vikas Budhwar,J.)
September 8, 2026
Rajesh
Digitally signed by :-
RAJESH KUMAR
High Court of Judicature at Allahabad
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